रही अडिग सत्य पथ पर तो निश्चय ही स्वयंसिद्धा कहलाओगी। रही अडिग सत्य पथ पर तो निश्चय ही स्वयंसिद्धा कहलाओगी।
समय मुट्ठी की रेत सा फिसलता जा रहा है , हर लम्हा यूँ ही गुजरता जा रहा है, समय मुट्ठी की रेत सा फिसलता जा रहा है , हर लम्हा यूँ ही गुजरता जा रहा है,
तन्हा इक चाँद के साथ प्यारा-सा एक घरौंदा बसाए जाते। तन्हा इक चाँद के साथ प्यारा-सा एक घरौंदा बसाए जाते।
लेकिन, तेरी आहट की अब भी आस थी ! लेकिन, तेरी आहट की अब भी आस थी !
वीरान था जो पहले उसे वीरान ही रहने देते, चले क्यूँ गए तुम मेरी ये दुनिया सजाकर। वीरान था जो पहले उसे वीरान ही रहने देते, चले क्यूँ गए तुम मेरी ये दुनिया सजाकर।
गर साथ तू हो, वीराने में भी, दिलकश नज़्ज़ारा लगे है मुझे | भंवर में फंसी मेरी ज़िन्दगी को, बस तू किना... गर साथ तू हो, वीराने में भी, दिलकश नज़्ज़ारा लगे है मुझे | भंवर में फंसी मेरी ज़िन...